विवेकानंद स्मारक समिति द्वारा मनाया गया 76वां गणतंत्र दिवस
संविधान ने हमें लोकतांत्रिक प्रणाली दी : प्रो. कृष्ण लाल रिणवा

एंटिक ट्रुथ | हिसार
विवेकानंद स्मारक समिति द्वारा 76वां गणतंत्र दिवस विवेकानंद भवन मंडी रोड हिसार में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. कृष्ण लाल रिणवा उपस्थित रहे जिन्होंने अपने संबोधन में बताया कि हम सभी जानते हैं कि 26 जनवरी को भारत का संविधान लागू हुआ था इसलिए हर वर्ष हम गणतंत्र दिवस मनाते हैं। आज का दिन भारत के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय है। यह दिन हमें संविधान, लोकतंत्र और स्वतंत्रता की याद दिलाता है। देश के लिए अपने कत्र्तव्यों की प्रेरणा देता है।
उन्होंने बताया कि 15 अगस्त 1947 को हमारा देश आजाद तो हो गया था परंतु हमारा कोई संविधान नहीं था। देश का संविधान बनाने में पूरे 2 साल 11 महीने और 18 दिन लगे थे। 1946 में देश के नेताओं को आश्वासन दिया गया कि हम आपको 1948 तक आजाद कर देंगे। उन्होंने प्रोविजनल ऐसंबली के चुनाव करवाए। इस एसेंबली के सदस्यों ने संविधान सभा के 389 सदस्यों को चुना जिनका काम संविधान बनाना था। संविधान के लिए ड्राफ्टिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ. भीमराव अंबेडकर थे, जिनकी अथक मेहनत से संविधान 1949 तक तैयार हो गया था। फिर जब देश आजाद हुआ पंडित नेहरू प्रधानमंत्री बने तो 1949 में संविधान सभा द्वारा संविधान पास किया गया जो 26 जनवरी 1950 को देश में लागू हुआ।
उन्होंने कहा कि संविधान ने हमें लोकतांत्रिक प्रणाली दी जिसमें हर नागरिक को अपनी सरकार चुनने का अधिकार है। यह हमें सिखाता है कि जाति, धर्म और लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सरदार इंद्रजीत सिंह, अध्यक्ष नागोरी गेट गुरुद्वारा द्वारा की गई। इस अवसर पर डॉ. जगबीर सिंह, राज्य सूचना आयुक्त, भूपेंद्र सिंह, जिला संघ संचालक, मोहित, सतीश सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।



