डी.एन. कॉलेज की छात्राओं ने ली सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग
विपरीत परिस्थिति में दुपट्टे को हथियार बनाना व दो सेकेंड में सामने वाले को धराशायी करना सीखा

एंटिक ट्रुथ | हिसार
हिसार के डी.एन. कॉलेज में कॉलेज की छात्राओं के लिए सेल्फ डिफेंस कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप में ताइक्वांडो कोच ब्लैक बेल्ट रोहतास कुमार ने छात्राओं को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी। उन्होंने छात्राओं को बताया कि वे खुद को किसी भी तरह से कमजोर न समझें सेल्फ डिफेंस सीखकर वे न केवल अपनी रक्षा खुद कर सकती हैं बल्कि असमाजिक तत्वों के भय से भी दूर रहेंगी। उन्होंने बताया कि सेल्फ डिफेंस की बहुत ही आसान सी तकनीकें हैं जो सामने वाले व्यक्ति को एक क्षण में धराशायी कर सकती हैं। शिविर में सुशील कुमार रेड्डू व पूनम जांगड़ा जिला सचिव विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कोच रोहतास कुमार ने कॉलेज की छात्राओं को विपरीत परिस्थिति में अपने दुपट्टे को किस तरह से हथियार बनाएं इस बारे में बताया। उन्होंने दो सेकेंड में गर्दन व छाती पर प्रहार करके सामने वाले को बेहोश करने की तकनीक बताई। लड़कियों को प्रशिक्षण प्रदान कर रहे सेल्फ डिफेंस कोच रोहतास ने कहा कि हमारा मिशन महिलाओं और लड़कियों को सुरक्षित और आत्मविश्वासपूर्ण जीवन जीने में मदद करना है। आज के समय में, हर महिला और लडक़ी को शारीरिक रूप से अपनी सुरक्षा के लिए और मुसीबत में पडऩे पर खुद को बचाने के लिए सेल्फ-डिफेंस सीखना जरूरी है। यह एक ऐसा हुनर है जिसे हर महिला को जरूर सीखना चाहिए। अधिकतर महिलाएं इसे कभी नहीं सीखती या उन्हें सिखाया भी नहीं जाता है। सेल्फ-डिफेंस एक ऐसी ट्रेनिंग है जो हर महिला को कॉन्फिडेंस बढ़ाने में मदद करती है। यह उन्हें खुद को किसी भी खतरे से बचाने की ताकत और क्षमता देती है। जब खुद पर किसी प्रकार का हमला होता है, तो हमारे पास दो विकल्प होते हैं, या तो हम उससे लड़ें या उसके सामने समर्पण कर दें। ऐसे में सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग हमें न केवल लडऩे की ताकत देती है बल्कि इसकी तकनीकों का इस्तेमाल करके किसी भी खतरनाक स्थिति से बचकर निकलना भी सिखाती है।
इस अवसर पर कॉलेज प्रशासन की ओर से प्रिंसिपल डॉ. विक्रमजीत सिंह, शोभा चहल, सुरजीत कौर, डॉ. शर्मिला गुणपाल, डॉ. अर्चना मलिक, डॉ. वलारिया सेठी, मंजीत कुमार डीएसडब्ल्यू, सुषमा वार्डन आदि उपस्थित रहे।



