डॉ. ओमप्रकाश कादयान को ‘राष्ट्रीय बाल साहित्यकार सम्मान’
डॉ. ओमप्रकाश कादयन को सम्मानित करते हुए अतिथिगण।

हिसार के मार्वल सिटी निवासी प्रसिद्ध साहित्यकार, लोक साहित्य के मर्मज्ञ तथा यायावर छायाकार डॉ. ओमप्रकाश कादयान को श्रेष्ठ बाल साहित्य सृजन व बाल विकास के लिए किए गए अनुपम कार्यों के लिए राष्ट्रीय बाल साहित्यकार सम्मान, ‘बाल साहित्य भूषण’ प्रदान किया गया है। डॉ. कादयान को यह सम्मान साहित्य मंडल श्रीनाथद्वारा की ओर से राजस्थान के श्रीनाथद्वारा में आयोजित राष्ट्र स्तरीय तीन दिवसीय साहित्यिक कार्यक्रम व साहित्यकार सम्मान समारोह में रविकांत गर्ग, राज्यमंत्री (उत्तर प्रदेश), आचार्य विनय महाराज (कोटा), श्याम प्रकाश देवपुरा, प्रधानमंत्री साहित्य मंडल, मदन मोहन शर्मा, अध्यक्ष तथा अन्य आए अतिथियों ने प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह, श्रीफल, श्री नाथ का स्वरूप, नकद दाशि देकर, शॉल ओढ़ाकर, मोतियों की माला पहनाकर, सम्मान पटका प्रदान करके सम्मान किया।
डॉ. कादयान की अब तक 14 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं तथा करीब 50 पुस्तकों की पाण्डूलिपि तैयार है तथा छह हजार से अधिक आलेख तथा 70 हजार से अधिक छायाचित्र राष्ट्रीय स्तर की पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। बाल साहित्य पर इनके चार बालगीत संग्रह ‘हम पंछी नील गगन के’, ‘अगर हम पंछी होते’, ‘सिर उठाकर चलना सीखो’ व ‘धरती को हम स्वर्ग बनाएंगे’ प्रकाशित हो चुके हैं।
डॉ. कादयान ने बाल विकास के लिए सराहनीय कार्य किया है। इनके बच्चों से संबंधित आलेख, बाल कहानियां भी छपती रहती हैं। इसी कार्यक्रम में राज्य मंत्री रविकांत गर्ग ने डॉ. ओमप्रकाश कादयान की नव प्रकाशित दो पुस्तकों का विमोचन भी किया। समारोह में आयोजकों द्वारा डॉ. कादयान का संक्षिप्त परिचय काव्य विद्या में पढ़ा गया। इस अवसर पर देशभर से आए करीब सौ साहित्यकार, साहित्य प्रेमी, विद्वान मौजूद थे। राष्ट्र स्तरीय इस सम्मान के लिए डॉ. ओमप्रकाश कादयान को अतिथियों, साहित्यकार मित्रों व विभिन्न संस्थाओं ने बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। डॉ. कादयान को हरियाणा सहित्य अकादमी के पं. लख्मीचंद सम्मान सहित सौ से अधिक बार सम्मानित किया जा चुका है।



