हरियााणा की लोक सांस्कृतिक विरासत स्वांग का जोरबा थियेटर में भव्य मंचन हुआ
स्वांग ‘बम लहरी’ की प्रस्तुति देते कलाकार।
हरियाणा की लोक सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करता स्वांग ‘बम लहरी’ का सफल और भव्य मंचन रविवार को जोरबा थिएटर, हिसार में किया गया। कार्यक्रम में लोक कला प्रेमियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। ये स्वाँग कथा शैली में प्रस्तुत की गई जिसमें भगवान शंकर और पार्वती के विवाह के माध्यम से तप त्याग और प्रेम का संदेश दिया गया, जिस प्रकार से शिव परिवार मे शेर बैल, मोर, चूहा एकसाथ रहते हैं उसी प्रकार समाज में भी प्रेम और सौहार्द स्थापित हो।
इस स्वांग का निर्देशन एवं प्रमुख अभिनय डॉ. विभोर भारद्वाज द्वारा किया गया, जिन्होंने अभिनय के साथ इस विधा की शिक्षा अपने गुरु डॉ. सतीश जॉर्ज कश्यप से ली है जिनकी प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा। हारमोनियम पर अभिजीत, ढोलक पर परवीन कुमार पिंगल डेरू एवं कोरस में नीरज और प्रीत पाल शर्मा ने प्रभावशाली संगत दी। अनिल सैनी, मुकेश, अपूरव भारद्वाज, अमित ने विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम के विशेष अतिथि डॉ. कृष्ण यादव रहे, जिन्होंने हरियाणवी लोक कला की सराहना करते हुए कलाकारों को शुभकामनाएं दीं। इस सांस्कृतिक आयोजन का प्रायोजन कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा द्वारा किया गया। स्वांग ‘बम लहरी’ के माध्यम से हरियाणा की समृद्ध लोक परंपरा, हास्य-व्यंग्य और सामाजिक संदेश को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसे दर्शकों ने तालियों के साथ खूब सराहा।



