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रिहायशी क्षेत्र में बेस्मेंट स्थित मल्टी स्टोरी लाइब्रेरी बनाने का मॉडल टाउन वासियों ने किया विरोध

लाइब्रेरी के लिए काट दिए गए अनेक हरे पेड़ -

मॉडल टाउन निवासियों ने मॉडल टाउन कॉलोनी, हिसार में पार्क की आरक्षित भूमि पर मुंशी प्रेमचंद रीडिंग रूम एंड लाइब्रेरी के ध्वस्तीकरण तथा प्रस्तावित मल्टीस्टोरी लाइब्रेरी भवन के निर्माण को तत्काल रोकने तथा सरकारी स्कूल को नियमों के अनुसार बनाने को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर इसकी मांग उठाई है।
कालोनी वासी प्रवीन अग्रवाल, पवन कुमार गोयल, इंदू महता, संजय कुमार, अनिल महता व अन्य निवासियों ने कहा कि हम सभी कालोनीवासी इस बहुमंजिला लाइब्रेरी का पुरजोर विरोध करते हैं। यह निर्माण कॉलोनी की मूल योजना के सर्वथा विपरीत है जिससे यहां गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। घिरे हुए आवासीय क्षेत्र में प्राकृतिक रोशनी तथा ताजी हवा का आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाएगा, जिससे निवासियों एवं स्कूल के छात्रों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। बच्चों तथा बुजुर्गों के लिए खेलने टहलने की एकमात्र खुली जगह पूरी तरह छिन जाएगी। घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में ऊंची इमारत का निर्माण पर्यावरणीय संतुलन को बिगाड़ेगा तथा ट्रैफिक व पार्किंग की समस्याओं को और बढ़ावा देगा। मॉडल टाउन कॉलोनी, हिसार के निवासी तथा आस-पास के क्षेत्रों के निवासियों ने सीएम से गुहार लगाई कि इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करके निर्माण को रुकवाने का कष्ट करें।
कालोनीवासियों ने अनुरोध किया वर्तमान आरक्षित पार्क भूमि पर चल रहे किसी भी निर्माण कार्य (मल्टीस्टोरी लाइब्रेरी सहित) को तत्काल रोका जाए तथा इस भूमि को मूल रूप से पार्क के रूप में ही विकसित किया जाए। कालोनीवासियों ने कहा कि यदि इतनी बड़ी लाइब्रेरी की आवश्यकता है तो मॉडल टाउन क्षेत्र में पार्क, पब्लिक हेल्थ ऑफिस तथा अधिकारियों के आवासों को मिलाकर उपलब्ध बड़ी भूमि का उपयोग इसका निर्माण किया जा सकता है। ज्ञात हुआ है कि लाइब्रेरी में कैफिटेरिया भी बनाया जा रहा है जिसका भी कालोनीवासी पुरजोर विरोध करते हैं उसमें कोई कैफिटेरिया आदि न बनाया जाए। अगर लाइब्रेरी बनानी है तो इसे केवल एक मंजिला बनाया जाए और यहां पार्क की खुली जगह कालोनीवासियों के लिए रखी जाए।
कॉलानीवासी प्रवीन अग्रवाल व अन्य कालोनीवासियों ने बताया कि 1950 के दशक में मॉडल टाउन कॉलोनी के विकास के समय एक निश्चित क्षेत्र को पार्क तथा खुले स्थान के रूप में आरक्षित रखा गया था। वर्तमान में इस आरक्षित भूमि के लगभग तीन चौथाई हिस्से पर हरियाणा सरकार का एक स्कूल स्थापित है, जिसे कुछ साल पहले 10+2 (हायर सेकेंडरी) स्तर तक अपग्रेड किया गया है। यह स्कूल हायर सेकेंडरी स्कूल के लिए निर्धारित न्यूनतम भूमि मानकों को पूरा नहीं करता, जिससे स्कूल के छात्रों को भी खेलकूद एवं अन्य सुविधाओं का पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाता। यह गहन आवासी क्षेत्र है और चारों तरफ से मकानों से घिरा हुआ है।
उन्होंने बताया कि शेष एक चौथाई हिस्से में अब तक ‘मुंशी प्रेमचंद रीडिंग रूम एंड लाइब्रेरी के साथ पार्क के रूप में खुली जगह थी, जो कॉलोनी के निवासियों, बच्चों एवं बुजुर्गों के लिए ताजी हवा, खेलकूद एवं विश्राम की एकमात्र सुविधा थी। हाल ही में इस छोटी लाइब्रेरी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है तथा शेष पार्क भूमि पर मल्टीस्टोरी लाइब्रेरी भवन के निर्माण हेतु बेसमेंट/नींव की खुदाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके लिए वहां खड़े अनेक हरे पेड़ों की बलि भी ले ली गई है। इस संबंध में 27.11.2025 आरटीआई से एक सूचना भी मांगी गई थी लेकिन उसकी आज तक कोई सूचना नहीं दी गई।

 

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