बच्चों के बढ़ रहे स्क्रीन टाइम को लेकर पेरेंटिंग सेमिनार का आयोजन
- ‘बिना स्क्रीन के बच्चों का पालन पोषण’ रहा सेमिनार का विषय -

सैक्टर-15 स्थित स्मॉल वंडर स्कूल में एक पेरेंटिंग ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसका मुख्य विषय ‘बच्चों का स्क्रीन के बिना पालन पोषण’ रहा। सेमिनार में साइकोलॉजिस्ट मिस जूही सिंह श्योकंद को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया जिन्होंने कार्यक्रम को संबोधित किया। इस आयोजन में अभिभावक अपने बच्चों को फोन से कैसे दूर रखें। अभिभावक अपने बच्चों के साथ घर पर अवकाश के दिन क्वालिटी टाइम कैसे बिताएं आदि के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। सेमिनार का प्रमुख विषय एआई का उपयोग किए बिना अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा ग्रहण करने बारे जागरुक करना भी था। आज के समय में बच्चों के व्यवहार में जो बदलाव नजर आ रहा है उस पर भी विचार-विमर्श किया गया।
जूही सिंह श्योकंद ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि माता-पिता बच्चे के पहले शिक्षक हैं। इसलिए उनका पहला स्कूल कैसा होना चाहिए उन्हें क्या शिक्षा मिलनी चाहिए। बच्चों के साथ संवाद और जुड़ाव बढ़ाने के तरीके, सकारात्मक व्यवहार को प्रोत्साहित करना, बच्चों की भावनाओं को समझना और उनका सम्मान करना। बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास में मदद करना तथा परिवार में सकारात्मक माहौल बनाने जैसे मुख्य बिंदुओं के प्रति माता-पिता को जागरुक होना चाहिए। अभिभावकों ने भी अपने प्रश्नों को जूही श्योकंद के साथ साझा किया। प्राचार्या तरुणा कुहाड़ ने जूही श्योकंद को एक पौधा व गुलदस्ता भेंट कर उनका धन्यवाद व्यक्त किया।



