चिट बटन की शर्ट पहने दिव्यांग युवक को पुलिस कर्मियों व स्टाफ ने नहीं देने दी सीईटी परीक्षा
युवक ने शर्ट बदलने की बात कही लेकिन पुलिस कर्मियों व स्टाफ ने जबरदस्ती युवक को एग्जाम सेंटर में ही बैठाया और एंट्री का समय हो जाने के बाद वहां से वापिस भेज दिया

एंटिक ट्रुथ | हिसार
सीईटी की परीक्षा में गांधी नगर मंगाली निवासी दिव्यांग युवक प्रदीप को केवल इसलिए एग्जाम सेंटर में प्रवेश नहीं करने दिया गया क्योंकि उसने चिट बटन की शर्ट पहनी हुई थी। युवक का 27 जुलाई की सायंकालीन शिफ्ट में ब्लूमिंग डेल्स सीनियर सैकेंडरी स्कूल में एग्जाम था। युवक ने आरोप लगाया कि चिट बटन की शर्ट पहने देख पुलिस कर्मियों व वहां मौजूद स्टाफ ने उसे परीक्षा के अंदर नहीं जाने दिया। प्रदीप ने कहा कि वह अभी शर्ट बदल लेगा। वहां मौजूद अन्य युवकों ने भी उसे अपनी शर्ट देने की बात कही ताकि उसका एग्जाम व्यर्थ न जाने पाए लेकिन वहां मौजूद पुलिस कर्मियों व अन्य स्टाफ ने युवक को वहां जबरदस्ती बैठा लिया और उसके साथ धक्का मुक्की भी की। उन्होंने न ही उसे शर्ट बदलने दी और न ही उस शर्ट में उसे एग्जाम में एंट्री करने दी और एंट्री का समय समाप्त होने के बाद उसे वापिस भेज दिया। प्रदीप ने बताया कि वह इस एग्जाम के लिए महीनों से तैयारी कर रहा था लेकिन एग्जाम अधिकारियों की मनमानी के चलते उसकी सारी मेहनत पर पानी फिर गया और जिस एग्जाम का वह लंबे समय से इंतजार कर रहा था उससे वह वंचित रह गया। प्रदीप ने बताया कि वह 40 प्रतिशत दिव्यांग है और इससे पहले भी सीईटी के एग्जाम में उसके 65 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए थे। उसे सीईटी के एग्जाम से काफी उम्मीदें थीं लेकिन एग्जाम सेंटर में मौजूद पुलिस कर्मियों व अन्य अधिकारी कर्मचारियों ने उसके साथ ज्यादती की है। उसने शासन-प्रशासन से इस मामले की जांच करवाकर दोषी कर्मचारियों पर कार्यवाही की मांग की है। प्रदीप ने बताया कि वे इस संबंध में एक शिकायत भी उच्चाधिकारियों को करेंगे।



