विश्वास सी.सै स्कूल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत विशेष कार्यशाला का आयोजन

एंटिक ट्रुथ | हिसार
बुधवार को अर्बन इस्टेट स्थित विश्वास सीनियर सेकेंडरी स्कूल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत अनुभवात्मक शिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शिक्षकों के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को कक्षा में व्यावहारिक और अनुभव-आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करना था, जिससे छात्रों में रचनात्मकता,आलोचनात्मक सोच और समस्या-समाधान कौशल विकसित हो सकें। कार्यशाला में विशेषज्ञ अजीत सिंह ने प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षण, समूह गतिविधियां, रोल प्ले, केस स्टडी और तकनीकी उपकरणों के उपयोग के माध्यम से शिक्षा को अधिक प्रभावी और आकर्षक बनाने की रणनीतियां सिखाईं। उन्होंने बताया कि अनुभवात्मक शिक्षण से छात्र विषयों को केवल याद करने के बजाय उन्हें समझने और व्यावहारिक रूप से लागू करने में सक्षम होते हैं।
विद्यालय प्राचार्य दिनेश चंद्र सेमवाल ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि एनईपी-2020 के अनुरूप शिक्षण पद्धतियों को अपनाने से छात्रों का समग्र विकास होगा और वे जिज्ञासु, नवाचारशील और आत्मनिर्भर बनेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह की कार्यशालाएँ शिक्षकों के पेशेवर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। शिक्षकों ने कार्यशाला के दौरान अनुभवात्मक शिक्षण से जुड़ी व्यावहारिक गतिविधियों में भाग लियाऔर विभिन्न शिक्षण विधियों को कक्षा में लागू करने के तरीकों पर चर्चा की। कई शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह कार्यशाला उनके लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक रही और वे अपने शिक्षण में नई विधियों को अपनाने के लिए उत्साहित हैं।



