उत्तर प्रदेशधर्म कर्म

उप्र विधान परिषद के अध्यक्ष व सदस्यों ने प्रयागराज में महामृत्युंजय यंत्र के किए दर्शन

एंटिक ट्रुथ | हिसार

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज महाकुंभ में सेक्टर-22 स्थित सिद्ध महामृत्युंजय यंत्र के दर्शनों के लिए आमजन के साथ देश-विदेश से अति विशिष्ट लोगों का आगमन जारी है। प्रयागराज कुंभ परिसर में 55वें दिन उत्तर प्रदेश विधान परिषद के अध्यक्ष कुंवर मानवेंद्र सिंह, विधान परिषद के सदस्य रजनीकांत माहेश्वरी व वंदना वर्मा, उत्तर प्रदेश विधान परिषद के विशेष सचिव पीएन द्विवेदी, वरिष्ठ निजी सचिव धर्मेंद्र सिंह, ज्वाइंट सेकेटरी नीरज गर्ग, उत्तर प्रदेश सहकारी आवास संघ के पूर्व चेयरमैन मुदित वर्मा ने विश्व के सबसे बड़े 52 गुणा 52 फुट ऊंचे व चौड़ आकार वाले आलौकिक महामृत्युंजय यंत्र की परिक्रमा की और आरती में भाग लिया। इस दौरान उप्र विधान परिषद के अध्यक्ष समेत अन्य सदस्यों के परिवारजन भी उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने महामृत्युंजय यंत्र के समक्ष आरती के बाद पूरे देश में शांति की प्रार्थना की।
इससे पहले सिद्ध महामृत्युंजय संस्थान के संस्थापक एवं महामृत्युंजय चालीसा के रचियेता स्वामी सहजानंद सरस्वती ने अतिथियों का रुद्राक्ष की माला भेंट की जबकि संस्थान की चेयरपर्सन सद्गुरु मां उषा ने आए अतिथियों को शॉल ओढ़ाकर  सम्मानित किया। जनप्रतिनिधियों ने स्वामी सहजानंद से महामृत्युंजय साधना को सीखा।
विदित हो कि प्रयागराज में महामृत्युंजय यंत्र श्रद्धालुओं की आस्था और आकर्षण का केंद्र बना है। प्रतिदिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जा रहा है। इसके अलावा 11,11,111 पंचमुखी रुद्राक्षों को अभिमंत्रित कर निशुल्क वितरित किया जा रहा है। चेयरपर्सन सद्गुरु मां उषा की देखरेख और श्रद्धालुओं के सहयोग से प्रयागराज में सेक्टर-22 में पिछले 55 दिनों से अनवरत रुद्र यज्ञ एवं अटूट भंडारा चल रहा है। इस अवसर एलआइसी के वरिष्ठ अभिकर्ता राजेश सिंह, झांसी भाजपा के महामंत्री सुधीर सिंह आदि उपस्थित रहे।
स्वामी सहजानंद ने बताया कि महामृत्युंजय यंत्र की उपासना करने का अद्भुत प्रभाव होता है। यंत्र की पूजा से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। जिससे जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। महामृत्युंजय यंत्र मृत्यु का भय दूर करता है। स्वामी सहजानंद ने बताया कि इस यंत्र के दर्शन से व्यक्ति का आत्मबल बढऩे के साथ ही जन्म कुंडली के ग्रहों के दोष दूर होते हैं। व्यक्ति को आसपास की नेगेटिव शक्तियों से सुरक्षा मिलती है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button