धर्म कर्म

ज्योतिषाचार्य डॉ. बलजीत शास्त्री रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में ‘ज्योतिषभूषण’ की मानद उपाधि से हुए सम्मानित

एंटिक ट्रुथ | हिसार

मध्यप्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के विज्ञान भवन में एक दिवसीय ऑल इंडिया इंटर स्टेट ज्योतिष महाधिवेशन का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के अध्यक्ष रत्नेश सोनकर व विशिष्ट अतिथि के रूप में अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिषाचार्य डॉ. हेचमंद्र पांडेय भोपाल व प्रो. अखिलेश पांडे पूर्व कुलपति विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन उपस्थित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय प्रभारी एवं कुलसचिव प्रो. सुरेंद्र सिंह ने की। इस ज्योतिष कांफ्रेंस में हिसार हरियाणा से अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिषाचार्य डॉ. बलजीत शास्त्री को मुख्य वक्ता प्रतिभागी के रूप में आमंत्रित किया गया और उनको ज्योतिष के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा हेतु ‘ज्योतिषभूषण’ की मानद उपाधि से अलंकृत किया गया। अपने संबोधन में डॉ. बलजीत शस्त्री ने यथार्थ वैदिक ज्योतिष पर विस्तृत व्याख्यान दिया। डॉ. शास्त्री ने कहा कि फलित का सही आंकलन न होना यह प्रत्येक दैवज्ञ की अपनी-अपनी थ्योरी है परंतु गणित का सही मिलान ना होना यह अत्यंत चिंतनीय है। पंचांग का गणित अलग-अलग होने से व्रत, त्यौहारों का अलग-अलग होना यह भ्रांति फैलाता है। वैदिक ज्योतिष स्टीक विज्ञान है। इसका अपने निजी हित के लिए व्यवसायीकरण ना हो।
इस अवसर पर कार्यक्रम की संयोजिका आचार्य संगीता शर्मा अध्यक्षा मातेश्वरी समाज समिति मुख्य रूप से उपस्थित थीं। मंच संचालन डॉ. मीलन दुबे ने किया। इसके अतिरिक्त आचार्य राजेश मिश्र बनारस वि.वि., डॉ. हेमलता रायपुर, विनीत सहादत पुणे, गुरु माता प्रेमलता पांडेय भोपाल, सागर शर्मा, शशांक शर्मा आदि मौजूद रहे।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button