
एंटिक ट्रुथ | हिसार
गुरु जम्भेश्वर युनिवर्सिटी द्वारा नए सत्र से विभिन्न पाठ्यक्रमों में फीस की भारी वृद्धि की गई है। इसके विरोध में आज इनसो के जिला अध्यक्ष अज्जू घणघस ने शहर के विभिन्न कॉलेजों में जाकर जीजेयू युनिवर्सिट के नाम ज्ञापन सौंपकर फीस वृद्धि को वापिस लेने की मांग उठाई। अज्जू घणघस ने जाट कॉलेज, डी.एन. कॉलेज व गवर्ननमैंट कॉलेज के प्रिंसिपल को ज्ञापन सौंपा। घणघस ने कहा कि इन कॉलेजों में किसान एवं मध्यम परिवारों से छात्र पढऩे आते हैं जिस पर बढ़ाई गई फीसों का आर्थिक बोझ काफी बढ़ जाएगा। युनिवर्सिटी को इस बात को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए।
छात्र नेता अज्जू घणघस ने बताया कि यूनिवर्सिटी द्वारा एडमिशन फी, स्टूडेंट वेलफेयर, इक्विपमेंट, स्पोर्ट आदि के नाम पर बढ़ाई गई फीस का प्रभाव छात्रों पर पड़ेगा क्योंकि कॉलेज में पढऩे वाले छात्र आम परिवारों से आते हैं इसलिए हर साल फीस बढ़ा कर इनके परिवारों पर आर्थिक बोझ ना बढ़ाया जाए। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से गुजवि प्रशासन से मांग की कि बढ़ाई गई फीसों को वापिस लेकर छात्रों को राहत देने का काम करे।
उन्होंने बताया कि जीजेयू से जुड़े कॉलेजों से डिग्री करने वाले छात्रों के लिए यूनिवर्सिटी ने विभिन्न प्रकार की फीस को बढ़ाया है जो कि प्रतिवर्ष 510 से 1030 रुपए तक बढ़ी है। यूनिवर्सिटी से जुड़े सभी कॉलेजों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को इसका भुगतान करना होगा। इसके अलावा अन्य प्रकार की फीस की भी बढ़ोतरी की है। इंटर यूनिवर्सिटी माइग्रेशन की फीस को युनिवर्सिटी ने बेतहाशा बढ़ाया है जिसके तहत माइग्रेशन के लिए 35 हजार रुपए तक देने पड़ेंगे। यह फीस बढ़ोतरी छात्रों के परिवारों की जेब पर भारी बोझ है। इसलिए युनिवर्सिटी प्रशासन को इस पर पुनर्विचार करते हुए फीस बढ़ोतरी को वापिस लेना चाहिए।
इस मोके पर डी.एन. कॉलेज से रिकी गुर्जर, गवर्नमैंट कॉलेज से करण इनसो और जाट कॉलेज से योगी सिवाच ने मिलकर प्रिंसिपल को ज्ञापन सौपा।



