
एंटिक ट्रुथ | हिसार
हाँ, गौमाता की सेवा व रक्षा करना हमारा धर्म है। गौ माता को हिन्दू धर्म में माता का दर्जा दिया गया है। गौ माता का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। गौ माता से हमें दूध, घी, दही, मक्खन, गोबर, गोमूत्र आदि प्राप्त होते हैं। ये सभी पदार्थ हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होते हैं।
अगर हम बेसाहारा गौमाता का सहारा बनेंगे व अपने जीवन में गौमाता को स्थान देने का संकल्प कर लें तो हम आने वाले संकटों से बच सकते हैं। गौमाता की सेवा व रक्षा हमारा धर्म है। उक्त वक्तव्य निकटवृर्तीय गांव जुगलान में स्थित बाबा मोती नाथ गौशाला में अनेक धार्मिक संस्थाओं से जुड़े समाज सेवी हरिश वर्मा ने उपस्थित गांववासियों के बीच व्यक्त किए।
हरीश वर्मा ने गौमाता की महिमा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा गौमाता की महिमा अपरंपार है। मनुष्य अगर जीवन में गौमाता को स्थान देने का संकल्प कर ले तो वह संकट से बच सकता है। मनुष्य को चाहिए कि वह गाय को मंदिरों और घरों में स्थान दे, क्योंकि गौमाता मोक्ष दिलाती है। गौमाता की महिमा से हमारे सारे धर्मग्रंथ भरे पड़े हैं।
आयुर्वेद में तो गौमाता की महिमा और उनसे मिलने वाले पदार्थों दूध, दही, घी आदि को अमृत बताया गया है। मान्यता अनुसार बड़े से बड़ा कष्ट भी सिर्फ गौ माता की सेवा करने से दूर हो जाता है। गाय में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास होता है। गाय की सेवा करने से जहां सभी देवी-देवता प्रसन्न होते हैं, वहीं घर में सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य का वरदान मिलता है।
हरीश वर्मा ने कहा कि जो व्यक्ति गाय की सच्चे मन से सेवा करता है वह इस भौतिक जगत में सभी सुखों को प्राप्त करता ही है मृत्यु उपरांत उसे स्वर्ग लोक की प्राप्ति होती है और अच्छे कुल में जन्म लेता है। हरीश वर्मा ने गौशाला को गौमाता के लिए एक लाख एक हजार रू अनुदान राशि भेंट की।
गौ माता की सेवा व रक्षा करने से हमें कई लाभ मिलते हैं। इससे हमें आशीर्वाद मिलता है, हमारा स्वास्थ्य अच्छा रहता है, और हमारे जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
यहाँ कुछ और बातें हैं जो हम गौ माता की सेवा व रक्षा के लिए कर सकते हैं:
- हम गौशालाओं में जाकर गौ माता की सेवा कर सकते हैं।
- हम गौ माता के चारा-पानी का प्रबंध कर सकते हैं।
- हम गौ माता के प्रति जागरूकता फैला सकते हैं।
इस मौके पर गौशाला के प्रधान बारू राम पायल सतीश जागलान, कुलदीप पायल, सुरेश जगालान, मनकुल जागलान, रोशन लाल गोयल, गौसाई राम जागलान, भीम भंवर, सुरेन्द्र मीठार वाल, सूर्या जागलान, दलबीर मीठारवाल, रामपाल बैनिवाल, रामचन्द्र मीठारवाल, कृष्ण खीचड़, राजेश स्वामी, मांगेराम भींदवाल, जीत बैनिवाल मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
आइए हम सभी मिलकर गौ माता की सेवा व रक्षा करें और अपने धर्म का पालन करें।



