
एंटिक ट्रुथ | हिसार
तोशाम रोड स्थित आधार हॉस्पिटल ने 8वें अजूबे के रूप में एक नया कारनामा किया है जिसमें उसने बालसमंद नहर से किसानों के खेतों को पानी ले जाने वाले 11 फिट चौड़े सरकारी नाले पर बहुमंजिला इमारत खड़ी कर दी है। यह बात हिसार संघर्ष समिति के अध्यक्ष जितेंद्र श्योराण ने जारी बयान में कही। उन्होंने बताया कि इतने बड़े अस्पताल की इतनी बड़ी अनियमितता और कब्जे की कार्यवाही निंदनीय एवं शर्मनाक है। यह बहुत बड़ा जांच का विषय है कि सरकारी नाले पर इतनी बड़ी इमारत खड़ी करने की हिम्मत अस्पताल की कैसे हुई और इसकी परमिशन उसने किससे ली।
जितेंद्र श्योराण ने बताया कि इस संबंध में जब विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अस्पताल ने इस बारे में कोई परमिशन नहीं ली है और यदि सरकारी पानी के नाले पर इमारत खड़ी गई है तो यह गलत है। शिकायत पर कार्यवाह की जाएगी। इस पर जितेंद्र श्योराण ने इसकी शिकायत प्रशासन को करते हुए कहा कि शासन-प्रशासन को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। एक तरफ तो शहर की सरकार शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए गरीबों की रोजी-रोटी छीन रही है वहीं शासन-प्रशासन की नाक के नीचे एक अस्पताल सरकारी जमीन पर इतनी बड़ी बिल्डिंग खड़ी कर लेता है उसकी ओर से वह आंखें मूंदे हुए है। जिस प्रकार से प्रशासन द्वारा गरीबों के आशियानों व उनके ठिकानों को तोड़ा जाता है उसी प्रकार से अस्पताल की बिल्डिंग पर कार्यवाही करते हुए इसे ढहाया जाना चाहिए ताकि भविष्य में कोई और ऐसा न कर पाए।
श्योराण ने कहा कि अस्पताल ने नैतिकता की सारी हदें पार करते हुए इतनी कमाई होते हुए भी केवल अपना स्वार्थ व लालच देखते हुए गरीब किसानों के हक की जमीन पर कब्जा करके सरकारी नाले के ऊपर अवैध निर्माण कर इतनी बड़ी बिल्डिंग खड़ी की है। शासन-प्रशासन इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए दोषियों पर कार्यवाही करे और इस अवैध निर्माण को तुरंत गिराने का काम करे। इस मौके पर जितेंद्र श्योराण के साथ मनविंद्र सेठी, प्रियकांत शर्मा तथा किसान मुकेश बिश्नोई, प्रेम, जयदेव, प्रियकांत शर्मा, इंदर, लाल सिंह, विजय, रोहताश डाबड़ा व सतवीर आदि मौजूद थे।



