
समस्त पंजाबी खत्री सभा का राष्ट्रीय कार्यकारिणी अधिवेशन हिसार के मॉडल टाउन स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित किया गया। अधिवेशन में देशभर से पहुंचे संगठन के प्रतिनिधियों ने समाज की एकजुटता, धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों और संगठन के भावी कार्यक्रमों पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान खत्री समाज के लिए महाराजा अरूट धाम के निर्माण तथा उसमें माँ हिंगलाज मंदिर की स्थापना का संकल्प प्रमुखता से सामने आया।
अधिवेशन के संयोजक एवं हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष राम कामरा तथा राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रवीन गुलाटी ने संयुक्त रूप से बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सर्वदानंद आर्य ने की, जबकि वार्ड नंबर 17 के निगम पार्षद राजेश अरोड़ा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सर्वदानंद आर्य ने संगठन के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि समाज को धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत और पहचान को सहेजने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। इसी उद्देश्य से खत्री समाज के लिए महाराजा अरूट धाम का निर्माण किया जाना आवश्यक है, जहां माँ हिंगलाज का भव्य मंदिर भी स्थापित किया जाएगा। उन्होंने समाज के सभी लोगों से इस पुनीत कार्य में तन-मन-धन से सहयोग करने का आह्वान किया।
निगम पार्षद राजेश अरोड़ा और अधिवेशन संयोजक राम कामरा ने कहा कि महाराजा अरूट धाम का निर्माण समाज की एकता, आस्था और गौरव का प्रतीक बनेगा। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुटता के साथ आगे आना होगा। राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष संजीव तलवार एवं महिला विंग राजस्थान की अध्यक्ष सोनिया अधलखा ने सुझाव दिया कि धाम निर्माण की दिशा में सबसे पहले उपयुक्त भूमि की तलाश कर उसे चिन्हित करने का कार्य किया जाना चाहिए, ताकि परियोजना को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। वहीं, राष्ट्रीय विस्तार प्रमुख गुलशन नागी ने धाम के लिए भूमि की व्यवस्था सहित इस पुनीत अभियान में हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
अधिवेशन में देश के विभिन्न शहरों से आए प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए और समाजहित में सामूहिक प्रयासों को मजबूत बनाने पर बल दिया। कार्यक्रम में सचिव गगन ओबराय, जिला प्रधान महेंद्र ठकराल, जिला सचिव अमर कुकरेजा, उपाध्यक्ष सुशील अरोड़ा, अनिल ऐहलावादी, रविन्द्र पुष्प, भजन कौर तनुजा सहित लगभग 50 प्रतिनिधियों एवं समाज के गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। अधिवेशन में महाराजा अरूट धाम निर्माण की दिशा में मिल-जुलकर प्रयास करने तथा समाज की धार्मिक, सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों को नई गति देने का संदेश दिया गया।



