अन्य
आप पार्षद ने सस्ती लोकप्रियता के लिये मार्केट में लगाई नेम प्लेट
दुकानदारों में रोष व आक्रोश युवीएम ने जताई हैरानी

एंटिक ट्रुथ | आर के विक्रमा शर्मा( चंडीगढ़)
चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी के पार्षद अपना नाम का दिखावा करने और सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए महीनो पहले किए गए कार्यों के लिए आम आदमी पार्टी के मेयर व पार्षद के नाम से उद्घाटन पट्टिका लगवा रहे हैं ।और वह भी चंडीगढ़ में लागू नियमों के विपरीत जाकर। इसका ताजा उदाहरण सेक्टर 34 सी की मार्केट में देखने को मिला। जहां जून 2023 में पेवर ब्लॉक लगाए गए थे चूंकि किसी मार्केट में इस प्रकार अलग से दीवार बना कर नेम प्लेट लगाने की मंजूरी नही है। इसलिए उस समय कोई नेम पट्टिका नही लगवाईं ।लेकिन अब वह भी काम पूरा होने के 9 महीने बाद आम आदमी पार्टी के मेयर के नाम की नेम पट्टिका उस मार्केट में लगाई गई है। वह भी दुकान की साइड में जिसका विरोध मार्केट के दुकानदारों के अलावा ग्राहक भी कर रहे हैं। क्योंकि इस प्रकार दीवार खड़ी करने से रात को असमाजिक तत्व शरारत करेंगे , पेशाब करेंगे, दीवार के पीछे चोर उचक्के छिप कर बैठे रहेंगे जो आम जनता व दुकानदारों के लिए परेशानी का सबब बनेंगे।
इस बारे में उद्योग व्यापार मंडल ने भी एतराज जताया है। यू.वी.एम. के अधक्ष कैलाश चंद जैन ने स्थानीय सीनियर जर्नलिस्ट आरके विक्रमा शर्मा को जानकारी देते हुए बताया है कि चंडीगढ़ में ऐसी पट्टिका लगाने की कोई मंजूरी प्रशासन का आर्किटेक्चर विभाग नहीं देता है। इसी प्रकार की पट्टिका सेक्टर 32 के नेबरहुड पार्क में भी लगाई गई है। और भी कई जगहों पार्कों मार्केटों में इसी प्रकार की पट्टिका लगाई गई हैं। या लगाने की योजना बनाई जा रही है।
जबकि ऐसी कोई पट्टिका लगाने की प्रोविजन चंडीगढ़ में नहीं है। यह केवल अपना नाम चमकाने के लिए किया जा रहा है।
कैलाश चंद जैन का आगे यह भी कहना है कि शहर में अब से पहले इस प्रकार की नाम पट्टिका किसी भी मार्केट अथवा पार्कों में नहीं लगाई हैं। क्योंकि चंडीगढ़ में ऐसा कोई नियम है ही नही। आज तक किसी सांसद तक के नाम की ऐसी नाम पट्टिका पार्कों या मार्केटों में नहीं लगाई गई थी।
चंडीगढ़ में इस प्रकार की अलग से दीवार बनाने के कोई इजाजत नहीं है। यह केवल राजनीतिक स्टंट है। तथा पॉलिटिकल श्रेय लेने के लिए नाजायज काम किया जा रहा है।
आम आदमी पार्टी का मेयर बनने के बाद ही ऐसी कार्यवाही शुरू हुई है। हैरानी की बात तो यह है कि निगम की कमिश्नर मैडम कैसे इन सब की इजाजत दे रही हैं ।और कैसे इन नाजायज पट्टिकाओं पर मेयर के साथ कमिश्नर मेडम का नाम भी लिखा जा रहा है। शहर में बिना आर्किटेक्ट डिपार्टमेंट की मंजूरी के नई रिवायत शुरू की जा रही। जो सरासर गैर कानूनी है।
तथा शहर की खूबसूरती के लिए खतरा है। इस प्रकार की कवायद बंद होनी चाहिए।


