प्रदर्शनकारी किसान मॉडिफाइड पोकलेन-जेसीबी सहित अन्य मशीनों से हटाए बैरिकेड

एंटिक ट्रुथ | आर के विक्रमा शर्मा( चंडीगढ़)
सूबा पंजाब के किसान अपनी मांगों को लेकर अंबाला के पास शंभू बॉर्डर और जींद के दाता-खनौरी बार्डर पर डटे हुए हैं और दिल्ली जाने पर अड़े हैं। प्रदर्शनकारी किसानों ने दिल्ली जाने के लिए पुलिस की बैरिकेडिंग हटाने और तोड़ने की भी पूरी व्यवस्था की हुई है। प्रदर्शनकारी किसान मॉडिफाइड पोकलेन-जेसीबी सहित अन्य बड़ी मशीनें बार्डर पर ले लाये हैं ताकि मशीनों द्वारा सीमेंटेड-कंक्रीट बैरिकेड आसानी से हटाए जा सकें और दिल्ली जाने का उनका रास्ता साफ हो जाये।
वहीं इस प्रकार की स्थिति को देखते हुए अब हरियाणा डीजीपी ने पंजाब के डीजीपी को एक चिट्ठी लिखी है और कहा है कि प्रदर्शनकारी किसान अगर मशीनों के साथ आगे बढ़ते हैं और बैरिकेडिंग तोड़ते हैं तो इससे बार्डर पर तैनात हरियाणा पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों की जान खतरा पैदा हो सकता है। साथ ही दोनों राज्यों की कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। इसलिए पंजाब पुलिस दारा प्रदर्शनकारी किसानों से इन पोकलेन- जेसीबी जैसी मशीनों को फौरान जब्त करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। सभी मशीने बार्डर से हटा दी जाएं। साथ ही जो मशीनें बार्डर पहुंच रहीं हैं उन्हें रोका जाये। मशीनों को बार्डर पर पहुंचने की इजाजत नहीं दी जाये।हरियाणा डीजीपी की चिट्ठी के बाद पंजाब डीजीपी ने एक्शन लिया है। पंजाब डीजीपी गौरव यादव ने सभी रेंज के ऐडीजीपी, आईजी और डीआईजी और जिलों के सभी पुलिस कमिश्नर व एस एस पीज को आदेश दिया है कि पंजाब-हरियाणा के खनौरी और शंभू बार्डर की ओर जेसीबी, पोकलेन, टिपर, हाइड्रा और अन्य भारी मशीनों की आवाजाही रोकी जाये। किसी भी कीमत पर इन मशीनों को बार्डर पर जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। डीजीपी ने कहा कि, हरियाणा डीजीपी से लिखित अनुरोध पर यह संकेत मिले हैं कि प्रदर्शनकारी किसान इन मशीनों से हरियाणा पुलिस के बैरिकेड्स पर हमला करेंगे और हरियाणा में प्रवेश करेंगे। यह एक ऐसा कदम है जो दोनों राज्यों में कानून और व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ देगा। इसलिए इन मशीनों को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाएं।


