लड़कियों की शिक्षा के प्रति यशोदा माथुर का योगदान अग्रणी रहा: केपी माथुर
राष्ट्र निर्माण के इस कार्य में बहन सुभाग माथुर का योगदान भी महत्त्वपूर्ण रहा

एंटिक ट्रुथ | हिसार
न्यू यशोदा पब्लिक स्कूल हिसार में यशोदा धाम का शुभारम्भ किया गया। स्कूल संस्थापिका के भाई के. पी. माथुर ने रिबन काटकर स्मारक का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मैनेजमेंट के सदस्य, अभिभावक तथा शहर के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अपने सम्बोधन में के पी माथुर ने विद्यालय की संस्थापिका यशोदा माथुर की दूरदर्शिता, दृढ़ता और कड़ी मेहनत को याद किया। उन्होंने बताया कि यशोदा ने आजादी स्वतंत्रता संग्राम के साथ 1946 में एक महान दूरदृष्टा शिक्षाविद के रूप में चार बच्चों के साथ आधुनिक शिक्षा की ज्योति प्रज्ज्वलित की। उनका लड़कियों की शिक्षा के प्रति विशेष हृदयग्राही प्रेम था। नारी शिक्षा में उनका योगदान अग्रणी रहा, जिसके चलते वे लड़कियों के माता-पिता के शिक्षा के प्रति मानसिक दृष्टिकोण को परिवर्तित करने में सफल रही। राष्ट्र निर्माण के इस श्रेष्ठ कार्य मे उनकी बहन सुभाग माथुर का भी महत्वूपर्ण योगदान रहा। जिसमें उन्होंने सम्मान, उत्साह, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ यशोदा का समर्थन करते हुए इसी भागीरथी प्रयास में अपना जीवन निस्वार्थ भाव से समर्पित किया।
विद्यालय के डायरेक्टर डॉ. जगमेंद्र सिंह ने विद्यालय की संस्थापिका यशोदा माथुर और उनकी छोटी बहन सुभाग माथुर के शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को सराहा और न्यू यशोदा पब्लिक स्कूल को हिसार का सबसे पसंदीदा स्कूल बनाने पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प विद्यालय में ऐसे बच्चे तैयार करना है जिनमें ब्रह्मा जैसे रचनाकार के गुण, उदर में वैश्य सा प्रबंधन, नौ भुजाओं में
क्षत्रिय जैसा शौर्य, मन में मानवता का सेवा भाव, मर्यादा में श्री राम के गुण, योगेश्वर कृष्ण जैसा बौद्धिक तार्किक, शिव सी शक्ति, मीरा सी भक्ति, दैविक शक्तियों की अलौकिक सिद्धियां, दयानंद सा धुनी, महाराजा अग्रसेन जैसा समाजवादी तथा गुरु गोविंद सा सशक्त प्रेरक और लक्ष्य भेद में अर्जुन के साथ-साथ इस कलयुग में सरस्वती का वो ज्ञान प्राप्त करे जिससे लक्ष्मी भी घर आए। यथार्थ में एक ऐसी विभूति का निर्माण हो जो पुरुषार्थ तथा परमार्थ में सांसारिक जीवन का योद्धा हो, जो मानव से महामानव बनकर ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’’ का संदेश लेकर ध्रुव तारे की भांति प्रकाशमान हो।
स्कूल प्रिंसिपल श्रीमती ऋतु बिश्नोई ने कहा कि ज्ञान में श्रेष्ठ, व्यवहार कुशल व भारतीय संस्कार से युक्त युवा पीढ़ी तैयार करना ही एनवाईपीएस का लक्ष्य है।


